निजी आय (Private Income)

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अभी तक हमने राष्ट्रीय आय का अध्ययन किया है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र (public sector) और निजी क्षेत्र (private sector) दोनो ही सम्मिलित होते हैं. यदि राष्ट्रीय आय में से सार्वजनिक क्षेत्र (public sector) के योगदान को घटा दिया जाये, तो हमें निजी क्षेत्र (private sector) के योगदान का पता चलता है. यहाँ हमारा उद्देश्य, उस आय का अध्ययन करना है, जो निजी क्षेत्र को विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त होता है.

निजी आय (Private Income) के दो भाग होते हैं:

  1. निजी उद्यम (Private Enterprises)
  2. परिवार (Household)

आय के भी दो प्रकार होते हैं:

  1. अर्जित आय (Earned Income)
  2. अनार्जित आय (Unearned Income)

अर्जित आय (Earned Income)

अपनी मेहनत द्वारा कमाई गयी आय को हम अर्जित आय कहते हैं; जैसे कि, कारख़ाने में काम करने वाले एक मज़दूर की मज़दूरी, भूमि को प्राप्त होनेवाला लगान, पूँजी पर मिलने वाला ब्याज, तथा साहसी को प्राप्त होनेवाला लाभ — ये सब ‘अर्जित आय’ के उदाहरण हैं. संक्षेप में, उत्पादन के साधनों (Factors of Production) को, उत्पादन कार्य में सहयोग देने के लिये, जो पारिश्रमिक मिलता है, उसे ही हम ‘अर्जित आय (Earned Income)’ कहते हैं.

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह भी है कि Earned Income को हम Factor Income (साधन आय) भी कहते हैं. ऐसा लगता है कि Factor तथा Factory शब्दों का आपस में गहरा नाता है. Factor Income देश के अन्दर तथा देश के बाहर भी अर्जित किया जा सकता है.

अनार्जित आय (Unearned Income)

अनर्जित आय (Unearned Income) का मतलब ऐसी आय से है, जो हमें बिना प्रयास के अनायास ही प्राप्त हो जाती है; जैसे, लॉटरी लग जाना, रिश्तेदारों द्वारा दिये जानेवाले उपहार, सरकार द्वारा दी जानेवाली सब्सिडी, बेरोज़गारी भत्ता, पेन्शन इत्यादि. अनार्जित आय को हस्तांतरण आय (Transfer Income) भी कहते हैं. Transfer Income भी देश के अंदर या देश के बाहर से प्राप्त किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय ऋण पर प्राप्त होनेवाला ब्याज भी Transfer Income के अन्तर्गत आता है. हम जानते हैं कि सरकार समय-समय पर, अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये, देश और विदेश से क़र्ज़ लेती है. यहाँ, हमारा मतलब, देश के अंदर लिये जानेवाले क़र्ज़ से है; जो, नागरिकों को बॉन्ड्स, सिक्युरिटीज़, डिवीडेंड, डेरिवेटिव्स इत्यादि के रूप में प्राप्त होते हैं.

निजी आय को हम सूत्र के रूप में इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैं : —

निजी आय (Private Income) = निजी क्षेत्र को घरेलू उत्पाद से प्राप्त आय (Income earned by private sector from domestic product) + विदेशों से शुद्ध साधन आय (Net Factor Income from Abroad)+ सरकार से चालू हस्तांतरण (Current Transfer from Government) + शेष विश्व से शुद्ध चालू हस्तांतरण (Net Current Transfer from Rest of the World) + राष्ट्रीय ऋणों पर ब्याज (Interest on National Debts)

यहाँ, चालू हस्तांतरण (Current Transfer) से मतलब वैसे हस्तांतरण से है, जो वर्तमान आय में से दिये जाते हैं. ये नियमित प्रवृत्ति के होते हैं, और उपभोग के लिये (consumption purpose) दिये जाते हैं; जबकि, Capital Transfer, सम्पत्ति (Wealth) में से दिये जाते हैं. ये अनियमित होते हैं, और पूँजी निर्माण (Capital Formation), यानि, विनियोग (Investment) के लिये दिये जाते हैं.

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निजी आय (Private Income)
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निजी आय (Private Income)
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अर्थशास्त्र
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अनकही

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Harindra Himkar

साहित्यिक गतिविधियाँ : अज्ञेय की संस्था ‘वत्सल निधि’ से सम्बद्ध, जय-जानकी जीवन यात्रा का सहभागी. भारत-नेपाल की अनेकों भोजपुरी पत्र-पत्रिकाओं में रचना प्रकाशित. हिन्दी बालगीत ‘प्यारे गीत हमारे गीत’ प्रकाशित. हिन्दी तथा भोजपुरी भाषा में नियमित लेखन. कविताओं तथा गीतों का एक संकलन प्रकाशन की प्रतीक्षा में. प्रज्ञा-प्रतिष्ठान नेपाल, नेपाल भोजपुरी समाज तथा हिन्दी साहित्य समाज के कार्यक्रम में नियमित सहभागिता. हिन्दी तथा भोजपुरी पत्रिकाओं का सम्पादन. भारतीय राजदूतावास, नेपाल की साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों का नियमित सहयोगी-सहभागी. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय में हिन्दी तथा भोजपुरी भाषा साहित्य विषय पर शोध का निर्देशन. नेपाल के भोजपुरी भाषा और साहित्य विषय पर शोध का निर्देशन. अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन का स्थायी सदस्य.

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